लखनऊ: वाप्कोस कमीशनखोरी केस में सीबीआई ने पांच गिरफ्तार, हवाला नेटवर्क की जांच जारी

लखनऊ: वाप्कोस कमीशनखोरी केस में सीबीआई ने पांच गिरफ्तार, हवाला नेटवर्क की जांच जारी

CBI arrests five in Wapcos commission

CBI arrests five in Wapcos commission

लखनऊ: वॉटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज (वाप्कोस) के कमीशनखोरी मामले में सीबीआई ने राजधानी लखनऊ से प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी आरोपितों के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का विश्लेषण कर रही है। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर ही सीबीआई अगले कदम उठाएगी।

जांच में यह खुलासा हुआ है कि कमीशन के लेन-देन में बड़े हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल हो रहा था। इसमें ओडिशा से लेकर उत्तर प्रदेश तक राशि का आदान-प्रदान किया जा रहा था और लेन-देन में अक्सर 10 रुपये के नोट का इस्तेमाल किया जाता था। इस खुलासे के बाद ईडी ने भी इस मामले पर अपनी नजर रखी है और जांच शुरू कर दी है।

सीबीआई ने 21 फरवरी को भुवनेश्वर, देवरिया, गाजीपुर और लखनऊ में छापेमारी कर प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे, बिचौलिए राहुल वर्मा, ड्राइवर शुभम कुमार पाल, ठेकेदार बबलू सिंह यादव और बबलू के लिए पैरवी करने वाले राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। ये लोग ठेके दिलवाने से लेकर बिल पास करवाने तक 13 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।


इस केस में अन्य नामजद आरोपी हैं पंकज दुबे का भाई पवन दुबे, वाप्कोस के दो अधिकारी भाभद्युत भूटिया और अभिषेक ठाकुर, ठेकेदार बबलू सिंह के सहयोगी रामेश्वर चतुर्वेदी और बिचौलिये गोपाल मिश्रा। सूत्रों के मुताबिक, इस रिमांड में विशेष फोकस पंकज दुबे और ठेकेदार बबलू सिंह यादव पर रहेगा। वहीं अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की टीमें सक्रिय हैं।


सीबीआई की पड़ताल में यह सामने आया है कि हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा था। लेन-देन की रकम के अलावा आरोपितों से मिले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के विश्लेषण से भी कई अहम सुराग मिल सकते हैं। ईडी भी इस मामले में सीबीआई से जानकारी जुटा रही है और हवाला नेटवर्क के संबंध में आगे की कार्रवाई करेगी।

वाप्कोस कमीशनखोरी केस में अब अगले दिनों आरोपितों की रिमांड पूछताछ से बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है। इस जांच में सीबीआई और ईडी की टीमों की निगरानी के चलते मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय और कानूनी नतीजे सामने आ सकते हैं।